1 मेंह फेर ये देखेंव कि धरती म जम्मो किसम के अतियाचार होवत हे:
2 अऊ मेंह घोसना करेंव कि ओ मरे मनखे,
3 पर ये दूनों ले बेहतर ओह अय,
4 अऊ मेंह देखेंव कि जम्मो मेहनत अऊ जम्मो सफलता ह एक मनखे के संग दूसर मनखे के बईरता ले निकलके आथे। येह घलो बेकार ए, हवा के पाछू भगई ए।
5 मुरूख ह अपन हांथ म हांथ धरे बईठे रहिथे,
6 मेहनत के संग दू मुठा भर रहई
7 मेंह फेर धरती म कुछू बेकार के चीज देखेंव:
8 एक मनखे ह अकेला रिहिस;
9 एक ले दू झन बेहतर होथें,
10 कहूं ओमन ले एक झन ह गिर जावय,
11 कहूं दू झन संग म सुतथें, त ओमन एक-दूसर ला गरम रखथें।
12 अकेला मनखे ला हराय जा सकथे,
13 एक गरीब बुद्धिमान जवान ह ओ डोकरा मुरूख राजा ले बेहतर अय, जऊन ला चेतउनी के ऊपर धियान देय के समझ नइं रहय।
14 जवान ह जेल ले निकलके राजा के पद ला पाय हो, या ओह अपन राज म ही गरीबी म जनमे हो सकथे।
15 मेंह देखेंव कि ओ जम्मो झन, जऊन मन धरती म रहत रिहिन अऊ चलत-फिरत रिहिन, ओमन ओ जवान के पाछू चलिन, जऊन ह राजा के उत्तराधिकारी रिहिस।
16 उहां ओकर आघू म अनगिनत मनखे रिहिन। पर ओकर बाद के पीढ़ी के मनखेमन ओ उत्तराधिकारी ले खुस नइं होईन। येह घलो बेकार ए, हवा के पाछू भगई ए।