1 पहले को जमाने म परमेस्वर न बापदादा से थोडो थोडो कर ख अर भाँति-भाँति से भविस्यवक्ता हुन को व्दारा बात करी,
2 इ आखरी दिन म ओ न हम से पोरिया को दुवारा बात करी, जिन ख उन न सब चीज को वारिस रखयो अर ओको दुवारा ओ ना सब दुनिया ख ओ न रची हैं।
3 यु पोरिया परमेस्वर कि महिमा वह उन की महिमा को उजाला अर उन को तत्व को छाप हैं, अर सब चीज अपनी सक्ति को वचन से संभालयो हैं। उ पाप ख धो ख ऊँचो जगह पर महामहिम परमेस्वर ख जेनो तरफ जा ख बठयो;
4 अर ओको पद स्वर्गदूत से उंचो ठहरो; काहेकि जे नाम ओ ख उत्तराधिकार म मिल्यो हैं, उ ओको नाम से कही गुना बडो हैं।
5 काहेकि परमेस्वर न कभी कोई स्वर्गदूत से यहाँ कहयो,
6 अर जब सबसे पहले पोरिया की दुनिया म फिर लावा हैं ते कवह हैं,
7 अर स्वर्गदूत को बारे म यू कहवा हैं,
8 कि अपनो पोरिया को बारे म कहव हैं,
9 तू न धरम से प्यार रखयो अर अधर्म से दुसमनी रखी;
10 अऊर ओ न याहा भी कहयो
11 वी तो खत्म हो जाये, पर तू बन्यो रय्हे;
12 अर तू उन ख चादर को समान लपेटेगो,
13 परमेस्वर न कभी कोई स्वर्ग दूत हुन से असो नी कहयो,
14 का वी सब सेवा टहल करन वाली आत्मा नी, जो उध्दार पावन वाला को लाने सेवा करन ख भेजी जावह हैं।