Salmos 146

HINCV

1 याहवेह का स्तवन हो.

2 जीवन भर मैं याहवेह का स्तवन करूंगा;

3 प्रधानों पर अपना भरोसा आधारित न करो—उस नश्वर मनुष्य पर,

4 जब उसके प्राण पखेरू उड़ जाते हैं, वह भूमि में लौट जाता है;

5 धन्य होता है वह पुरुष, जिसकी सहायता का उगम याकोब के परमेश्वर में है,

6 वही स्वर्ग और पृथ्वी के,

7 वही दुःखितों के पक्ष में न्याय निष्पन्‍न करते हैं,

8 वह अंधों की आंखें खोल दृष्टि प्रदान करते हैं,

9 याहवेह प्रवासियों की हितचिंता कर उनकी रक्षा करते हैं

10 याहवेह का साम्राज्य सदा के लिए है,

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