1 याहवेह, दावीद को और उनके द्वारा झेली गई
2 उन्होंने याहवेह की शपथ खाई,
3 “मैं न तो तब तक घर में प्रवेश करूंगा
4 न तो मैं अपनी आंखों में नींद आने दूंगा
5 जब तक मुझे याहवेह के लिए एक स्थान उपलब्ध न हो जाए,
6 इसके विषय में हमने एफ़राथा में सुना,
7 “आओ, हम उनके आवास को चलें;
8 ‘याहवेह, अब उठकर अपने विश्राम स्थल पर आ जाइए,
9 आपके पुरोहित धर्म के वस्त्र पहिने हुए हों;
10 अपने सेवक दावीद के निमित्त,
11 याहवेह ने दावीद से शपथ खाई थी,
12 यदि तुम्हारे वंशज मेरी वाचा का पालन करेंगे
13 क्योंकि ज़ियोन याहवेह द्वारा ही निर्धारित किया गया है,
14 “यह सदा-सर्वदा के लिए मेरा विश्रान्ति स्थल है;
15 उसके लिए मेरी आशीष बड़ी योजना होगी;
16 उसके पुरोहितों को मैं उद्धार के परिधानों से सुसज्जित करूंगा,
17 “यहां मैं दावीद के वंश को बढाऊंगा,
18 मैं उसके शत्रुओं को लज्जा के वस्त्र पहनाऊंगा,