Salmos 121

HINCV

1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर उठाता—

2 मेरी सहायता का स्रोत तो याहवेह हैं,

3 वह तुम्हारा पैर फिसलने न देंगे;

4 निश्चयतः इस्राएल के रक्षक न तो झपकी लेंगे

5 याहवेह तुम्हें सुरक्षित रखते हैं—

6 न तो दिन के समय सूर्य से तुम्हारी कोई हानि होगी,

7 सभी प्रकार की बुराई से याहवेह तुम्हारी रक्षा करेंगे,

8 तुम्हारे आने जाने में याहवेह तुम्हें सुरक्षित रखेंगे,

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