1 याहवेह का स्तवन हो.
2 आज से सदा-सर्वदा
3 उपयुक्त है कि सूर्योदय से सूर्यास्त के क्षण तक,
4 याहवेह समस्त राष्ट्रों के ऊपर हैं,
5 और कौन है याहवेह हमारे परमेश्वर के तुल्य,
6 जिन्हें स्वर्ग एवं पृथ्वी को देखने के लिए
7 याहवेह ही कंगाल को धूलि से उठाकर बसाते हैं,
8 वही उन्हें प्रधानों के साथ लाकर,
9 वही बांझ स्त्री को बच्चों की माता का आनंद प्रदान करके