Salmos 11

HINCV

1 मैंने याहवेह में आश्रय लिया है,

2 सावधान! दुष्ट ने अपना धनुष साध लिया है;

3 यदि आधार ही नष्ट हो जाए,

4 याहवेह अपने पवित्र मंदिर में हैं;

5 याहवेह की दृष्टि धर्मी एवं दुष्ट दोनों को परखती है,

6 दुष्टों पर वह फन्दों की वृष्टि करेंगे,

7 याहवेह युक्त हैं,

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