1 याहवेह के स्तवन में समस्त पृथ्वी उच्च स्वर में जयघोष करे.
2 याहवेह की आराधना आनंदपूर्वक की जाए;
3 यह समझ लो कि स्वयं याहवेह ही परमेश्वर हैं.
4 धन्यवाद के भाव में उनके द्वारों में
5 याहवेह भले हैं; उनकी करुणा सदा की है;
HINCV
1 याहवेह के स्तवन में समस्त पृथ्वी उच्च स्वर में जयघोष करे.
2 याहवेह की आराधना आनंदपूर्वक की जाए;
3 यह समझ लो कि स्वयं याहवेह ही परमेश्वर हैं.
4 धन्यवाद के भाव में उनके द्वारों में
5 याहवेह भले हैं; उनकी करुणा सदा की है;