1 उस शहर पर हाय, जो दुःख देनेवाला
2 वह न तो किसी की बात को मानता है.
3 उसके अधिकारी उसमें
4 उसके भविष्यवक्ता अनैतिक हैं;
5 याहवेह उसके बीच धर्मी हैं;
6 “मैंने जाति-जाति के लोगों को नाश किया है;
7 येरूशलेम के बारे में मेरा विचार था,
8 इसलिये याहवेह की यह घोषणा है,
9 “तब मैं लोगों के होंठों को शुद्ध करूंगा,
10 कूश की नदियों के पार से
11 हे येरूशलेम, उस दिन, तुम्हें मेरे विरुद्ध किए गये
12 पर मैं तुम्हारे बीच
13 इस्राएल के बचे हुए लोग कोई गलत काम नहीं करेंगे;
14 हे बेटी ज़ियोन, गा;
15 याहवेह ने तुम्हारे दंड को दूर कर दिया है,
16 उस दिन
17 याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर तुम्हारे साथ हैं,
18 “जो लोग तुम्हारे ठहराये पर्वों में सम्मिलित न हो पाने के कारण खेदित रहते हैं,
19 उस समय मैं उन सबसे लेखा लूंगा
20 उस समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूंगा.