Obadias 1

HINCV

1 ओबदिया द्वारा देखा गया दर्शन.

2 “देखो, मैं तुम्हें राष्ट्रों के समक्ष छोटा बना दूंगा;

3 तुम्हारे हृदय के अहंकार ने ही तुम्हें धोखा दिया है,

4 यद्यपि तुम गरुड़ के सदृश ऊंचाइयों पर उड़ते रहते हो,

5 यदि चोर तुम्हारे पास आएं,

6 पर एसाव की कैसी लूटमार होगी,

7 तुम्हारे ही समस्त मित्र राष्ट्रों तुम्हें तुम्हारी सीमा तक खदेड़ देंगे;

8 याहवेह घोषणा कर रहे हैं,

9 तुम्हारे योद्धा, तेमान, भयभीत होंगे,

10 तुमने भाई याकोब पर किए हिंसा के कारण,

11 उस दिन तुम दूर खड़े हुए सब देखते रहे

12 तुम अपने भाई की दुर्दशा के दिनों में

13 मेरी प्रजा की संकट की स्थिति में

14 तुम सड़क के चौक पर

15 “सारे देशों के लिए

16 ठीक जिस प्रकार तुमने मेरे पवित्र पर्वत पर वह प्याला पिया है,

17 किंतु बचकर निकले लोग ज़ियोन पर्वत पर रहेंगे;

18 याकोब का वंश आग के समान

19 एसाव पर्वत पर

20 बंधुआ इस्राएलियों का यह दल, जो कनान में है

21 छुड़ानेवाले एसाव पर्वत पर शासन करने के लिये

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