Miquéias 1

HINCV

1 यहूदिया के राजा योथाम, आहाज़ तथा हिज़किय्याह के शासनकाल में मोरेशेथवासी मीकाह के पास याहवेह का यह वचन पहुंचा, जिसे उसने शमरिया और येरूशलेम के बारे में दर्शन में देखा.

2 हे लोगों, तुम सब सुनो,

3 देखो! याहवेह अपने निवास से निकलकर आ रहे हैं;

4 उनके पैरों के नीचे पर्वत पिघल जाते हैं

5 यह सब याकोब के अपराध,

6 “इसलिये मैं शमरिया को मैदान में खंडहर के ढेर सा कर दूंगा,

7 उसकी सब मूर्तियां टुकड़े-टुकड़े कर दी जाएंगी;

8 इसलिये मैं रोऊंगा और विलाप करूंगा;

9 क्योंकि शमरिया का घाव असाध्य है;

10 यह समाचार गाथ में न दिया जाए;

11 तुम जो शाफीर में रहते हो,

12 जो मारोथ में रहते हैं, वे दर्द से छटपटा रहे हैं,

13 तुम जो लाकीश में रहते हो,

14 इसलिये तुम्हें ही मोरेशेथ-गथ को

15 हे मारेशाह के रहनेवाले,

16 अपने प्यारे बच्चों के लिए शोक में

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