1 याहवेह कहते हैं, “बाबेल की कुंवारी बेटी,
2 चक्की लेकर आटा पीसो;
3 तुम्हारी नग्नता सामने आ जायेगी
4 हमें छुटकारा देनेवाले का नाम है सर्वशक्तिमान याहवेह
5 “हे कसदियों की पुत्री,
6 मैं अपनी प्रजा से अप्रसन्न था,
7 फिर भी तुम ज़िद करती रही कि,
8 “इसलिये, अब सुन,
9 किंतु ये दोनों दुःख अचानक
10 अपनी गलती में सुरक्षा का अनुभव करते हुए
11 किंतु कष्ट तो तुम पर आएगा ही,
12 “अपने जादू-टोन्हों, जिसका तुमने बचपन से अभ्यास किया है,
13 तू तो कोशिश करते-करते थक गई है, अब ज्योतिषी,
14 देख वे भूसे के समान आग में जल जायेंगे,
15 जिनके साथ तुम मेहनत करती रही हो—