1 प्रभु सर्वशक्तिमान याहवेह येरूशलेम और यहूदिया से उनका सहारा
2 वीर योद्धा तथा सैनिक,
3 मंत्री और प्रतिष्ठित व्यक्ति,
4 “मैं लड़कों को शासक बना दूंगा;
5 लोग एक दूसरे पर अत्याचार करेंगे—
6 जब एक व्यक्ति अपने पिता के घर में
7 उस दिन कहेगा,
8 येरूशलेम लड़खड़ाया
9 उनका मुंह ही उनके विरुद्ध गवाही देता हैं;
10 धर्मियों को यह बताओ कि उनका अच्छा ही होगा,
11 हाय है दुष्ट पर!
12 मेरे लोगों को बच्चे दुःख देते हैं,
13 याहवेह तुम्हें बचाने
14 याहवेह न्याय के लिए शासन करनेवालों
15 क्यों मेरी प्रजा को परेशान
16 याहवेह कहता है, “ज़ियोन की पुत्रियां घमंड करती हैं,
17 इसलिये प्रभु याहवेह ज़ियोन की पुत्रियों के सिर को गंजा कर देंगे;
18 उस दिन प्रभु उनकी पायल, ललाट पट्टिका, झूमर,
19 झुमके, कंगन, झीना मुखावरण,
20 सुंदर वस्त्र, भुजबन्द, करधनी, ईत्रदान, कवच,
21 अंगूठी, नथ,
22 मख़मल के वस्त्र, कुरती, बुन्दियों, ओढ़नी;
23 बटूवा, अधोवस्त्र, पगड़ी और ओढ़नी की सुंदरता को हटा देंगे.
24 और खुशबू की जगह बदबू;
25 तुम्हारे पुरुष तलवार से,
26 तुम्हारे फाटक रोएंगे और शोक मनाएंगे;