Isaías 25

HINCV

1 याहवेह, आप ही मेरे परमेश्वर हैं;

2 आपने नगरों को गिरा दिया,

3 इसलिये बलवंत प्रजा आपकी महिमा करेगी;

4 दीनों के लिए आप शरणस्थान,

5 जैसे निर्जल देश में बादल से ठंडक होती है;

6 इसी पर्वत पर सर्वशक्तिमान याहवेह

7 इस पर्वत पर आकर सब जातियों

8 वह सदा-सर्वदा के लिए मृत्यु को नाश करेंगे.

9 उस दिन लोग यह कहेंगे,

10 क्योंकि याहवेह का हाथ सदा बना रहेगा;

11 जिस प्रकार एक तैराक अपने हाथों को फैलाता है,

12 याहवेह उसकी दृढ़ शहरपनाह को गिरा देंगे

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