1 दर्शन की घाटी के विरुद्ध भविष्यवाणी:
2 हे अधर्मी नगर, तुम जो खुशी मनाते थे,
3 बल्कि वे सब भाग गए;
4 इसलिये मैं कहता हूं, “अपनी दृष्टि मुझसे हटा लो;
5 क्योंकि सर्वशक्तिमान याहवेह का
6 एलाम ने घोड़ों पर सवार,
7 तुम्हारी उत्तम घाटियां रथों से भरी थी,
8 प्रभु ने यहूदाह की सुरक्षा को हटा दिया,
9 तुमने देखा कि दावीद के
10 तुमने येरूशलेम के भवनों की गिनती की
11 पुराने तालाब के पानी के लिए
12 उस दिन याहवेह ने तुम्हें रोने, सिर मुंडवाने,
13 यह सब होने पर भी वहां आनंद मनाया जा रहा है,
14 किंतु सर्वशक्तिमान याहवेह ने मुझसे कहा: “यह अपराध तब तक क्षमा नहीं किया जाएगा जब तक तुम्हारी मृत्यु न हो जाए,” प्रभु सर्वशक्तिमान याहवेह ने कहा!
15 फिर प्रभु सर्वशक्तिमान याहवेह ने कहा:
16 तुम्हारा यहां क्या काम है
17 “हे पराक्रमी मनुष्य, सुनो, याहवेह तुम्हें पकड़कर
18 तुम्हें गेंद के समान लुढ़का देंगे
19 मैं तुम्हें तुम्हारे ऊंचे पद से
20 “हिलकियाह के पुत्र एलियाकिम को तुम्हारा पद दूंगा.
21 मैं तुम्हारा वस्त्र उसे पहनाऊंगा और तुम्हारे वस्त्र का कटिबंध उस पर बांध दूंगा, मैं तुम्हारा अधिकार उसे दे दूंगा. वह यहूदाह और येरूशलेम के निवासियों का पिता होगा.
22 मैं दावीद वंश का पूरा अधिकार उसे दूंगा. उसके पास उसके पद की कुंजी होगी; वह जो पायेगा उसे कोई बंद नहीं करेगा, और वह जो बंद कर देगा उसे कोई न खोलेगा.
23 मैं उसे सुरक्षित स्थान में स्थिर कर दूंगा; और वह अपने पिता के वंश के लिए एक वैभव का सिंहासन होगा.
24 उस पर उसके पिता के वंश का वैभव, संतान, छोटे पात्र, कटोरे तथा सुराहियों को लटका देंगे.
25 “सर्वशक्तिमान याहवेह ने कहा, जो खूंटी सुरक्षित स्थान में स्थिर की गई थी वह उखड़ जाएगी; यहां तक की वह टूटकर बिखर जाएगी, और इस पर लटका बोझ हटा दिया जाएगा,” याहवेह की वाणी है!