1 मैं शारोन का गुलाब हूं,
2 कन्याओं के बीच
3 मेरा प्रियतम जवानों के बीच वैसा ही लगता है,
4 वह मुझे अपने महाभोज के कमरे में ले आया,
5 अंगूर की टिकियों से मुझमें बल भर दो,
6 उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे हो,
7 येरूशलेम की कन्याओ,
8 सुनो-सुनो!
9 मेरा प्रियतम एक चिंकारे अथवा एक हिरण के समान है.
10 इसके उत्तर में मेरे प्रियतम ने मुझसे कहा,
11 क्योंकि देख लो! जाड़ा जा रहा है;
12 देश में फूल खिल चुके हैं;
13 अंजीर के पेड़ में अंजीर पक चुके हैं;
14 चट्टान की दरारों में,
15 हमारे लिए उन लोमड़ियों को पकड़ लो,
16 मेरा प्रियतम सिर्फ मेरा ही है और मैं उसकी;
17 शाम के आने तक