Salmos 64

HIN2017

1 हे परमेश्वर, जब मैं तेरी दुहाई दूँ, तब मेरी सुन;

2 कुकर्मियों की गोष्ठी से,

3 उन्होंने अपनी जीभ को तलवार के समान तेज किया है,

4 ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें;

5 वे बुरे काम करने को हियाव बाँधते हैं;

6 वे कुटिलता की युक्ति निकालते हैं;

7 परन्तु परमेश्वर उन पर तीर चलाएगा;

8 वे अपने ही वचनों के कारण ठोकर खाकर गिर पड़ेंगे;

9 तब सारे लोग डर जाएँगे;

10 धर्मी तो यहोवा के कारण आनन्दित होकर उसका शरणागत होगा,

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