1 यहोवा की स्तुति करो!
2 हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो:
3 हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो,
4 हे सबसे ऊँचे आकाश
5 वे यहोवा के नाम की स्तुति करें,
6 और उसने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है;
7 पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो,
8 हे अग्नि और ओलों, हे हिम और कुहरे,
9 हे पहाड़ों और सब टीलों,
10 हे वन-पशुओं और सब घरेलू पशुओं,
11 हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य-राज्य के सब लोगों,
12 हे जवानों और कुमारियों,
13 यहोवा के नाम की स्तुति करो,
14 और उसने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊँचा किया है;