Salmos 142

HIN2017

1 मैं यहोवा की दुहाई देता,

2 मैं अपने शोक की बातें उससे खोलकर कहता,

3 जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी,

4 मैंने दाहिनी ओर देखा, परन्तु कोई मुझे नहीं देखता।

5 हे यहोवा, मैंने तेरी दुहाई दी है;

6 मेरी चिल्लाहट को ध्यान देकर सुन,

7 मुझ को बन्दीगृह से निकाल कि मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूँ!

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