1 क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है,
2 तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा;
3 तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी;
4 सुन, जो पुरुष यहोवा का भय मानता हो,
5 यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे,
6 वरन् तू अपने नाती-पोतों को भी देखने पाए!