1 संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा,
2 हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से
3 हे छली जीभ,
4 वीर के नोकीले तीर
5 हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा
6 बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
7 मैं तो मेल चाहता हूँ;
HIN2017
1 संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा,
2 हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से
3 हे छली जीभ,
4 वीर के नोकीले तीर
5 हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा
6 बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
7 मैं तो मेल चाहता हूँ;