1 भला होता कि तू मेरे भाई के समान होता,
2 मैं तुझको अपनी माता के घर ले चलती,
3 काश, उसका बायाँ हाथ मेरे सिर के नीचे होता,
4 हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराती हूँ,
5 यह कौन है जो अपने प्रेमी पर टेक लगाए हुए
6 मुझे नगीने के समान अपने हृदय पर लगा रख,
7 पानी की बाढ़ से भी प्रेम नहीं बुझ सकता,
8 हमारी एक छोटी बहन है,
9 यदि वह शहरपनाह होती
10 मैं शहरपनाह थी और मेरी छातियाँ उसके गुम्मट;
11 बाल्हामोन में सुलैमान की एक दाख की बारी थी;
12 मेरी निज दाख की बारी मेरे ही लिये है;
13 तू जो बारियों में रहती है,
14 हे मेरे प्रेमी, शीघ्रता कर,