1 यहूदा के लोग परमेश्वर को जानते हैं।
2 परमेश्वर का मन्दिर शालेम में स्थित है।
3 उस जगह पर परमेश्वर ने धनुष—बाण, ढाल, तलवारे
4 हे परमेश्वर, जब तू उन पर्वतों से लौटता है,
5 उन सैनिकों ने सोचा की वे बलशाली है। किन्तु वे अब रणक्षेत्रों में मरे पड़े हैं।
6 याकूब का परमेश्वर उन सैनिकों पर गरजा
7 हे परमेश्वर, तू भय विस्मयपूर्ण है!
10 हे परमेश्वर, जब तू दुष्टों को दण्ड देता है। लोग तेरा गुण गाते हैं।
11 लोग परमेश्वर की मन्नतें मानेंगे
12 परमेश्वर बड़े बड़े सम्राटों को हराता है।