1 हे यहोवा, तू मेरी ज्योति और मेरा उद्धारकर्ता है।
2 सम्भव है, दुष्ट जन मुझ पर चढ़ाई करें।
3 पर चाहे पूरी सेना मुझको घेर ले, मैं नहीं डरुँगा।
4 मैं यहोवा से केवल एक वर माँगना चाहता हूँ,
5 जब कभी कोई विपत्ति मुझे घेरेगी, यहोवा मेरी रक्षा करेगा।
6 मुझे मेरे शत्रुओं ने घेर रखा है। किन्तु अब उन्हें पराजित करने में यहोवा मेरा सहायक होगा।
7 हे यहोवा, मेरी पुकार सुन, मुझको उत्तर दे।
8 हे योहवा, मैं चाहता हूँ अपने हृदय से तुझसे बात करुँ।
9 हे यहोवा, अपना मुख अपने सेवक से मत मोड़।
10 मेरी माता और मेरे पिता ने मुझको त्याग दिया,
11 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण, मुझे अपना मार्ग सिखा।
12 मुझ पर मेरे शत्रुओं ने आक्रमण किया है।
13 मुझे भरोसा है कि मरने से पहले मैं सचमुच यहोवा की धार्मिकता देखूँगा।
14 यहोवा से सहायता की बाट जोहते रहो!