1 यह धरती और उस पर की सब वस्तुएँ यहोवा की है।
2 यहोवा ने इस धरती को जल पर रचा है।
3 यहोवा के पर्वत पर कौन जा सकता है कौन यहोवा के पवित्र मन्दिर में खड़ा हो सकता और आराधना कर सकता है
4 ऐसा जन जिसने पाप नहीं किया है,
5 सज्जन तो चाहते हैं यहोवा सब का भला करे।
6 वे सज्जन परमेश्वर के अनुसरण का जतन करते हैं।
7 फाटकों, अपने सिर ऊँचे करो!
8 यह प्रतापी राजा कौन है
9 फाटकों, अपने सिर ऊँचे करो!
10 वह प्रतापी राजा कौन है