1 मूर्ख अपने मनमें कहता है, “परमेश्वर नहीं है।”
2 यहोवा आकाश से नीचे लोगों को देखता है,
3 किन्तु परमेश्वर से मुड़ कर सभी दूर हो गये हैं।
4 मेरे लोगों को दुष्टों ने नष्ट कर दिया है। वे दुर्जन परमेश्वर को नहीं जानते हैं।
5 ये दुष्ट मनुष्य निर्धन की सम्मति सुनना नहीं चाहते।
6 किन्तु दुष्ट लोगों पर भय छा गया है।
7 सिय्योन पर कौन जो इस्राएल को बचाता है वह तो यहोवा है,