1 हे परमेश्वर, मैं ऊपर आँख उठाकर तेरी प्रार्थना करता हूँ।
2 दास अपने स्वामियों के ऊपर उन वस्तुओं के लिए निर्भर रहा करते हैं। जिसकी उनको आवश्यकता है।
3 हे यहोवा, हम पर कृपालु है।
4 अहंकारी लोग बहुत दिनों से हमें अपमानित कर चुके हैं।
HIN2010
1 हे परमेश्वर, मैं ऊपर आँख उठाकर तेरी प्रार्थना करता हूँ।
2 दास अपने स्वामियों के ऊपर उन वस्तुओं के लिए निर्भर रहा करते हैं। जिसकी उनको आवश्यकता है।
3 हे यहोवा, हम पर कृपालु है।
4 अहंकारी लोग बहुत दिनों से हमें अपमानित कर चुके हैं।