1 सचमुच वह जन धन्य होगा
2 वह नेक मनुष्य है जो यहोवा के उपदेशों से प्रीति रखता है।
3 इससे वह मनुष्य उस वृक्ष जैसा सुदृढ़ बनता है
4 किन्तु दुष्ट जन ऐसे नहीं होते।
5 इसलिए दुष्ट जन न्याय का सामना नहीं कर पायेंगे।
6 ऐसा भला क्यों होगा क्योंकि यहोवा सज्जनों की रक्षा करता है