1 “मैं इस्राएल को चंगा करूँगा!
2 लोगों को विश्वास नहीं है कि मैं उनके अपराधों की याद करूँगा।
3 वे अपने कुकर्मों से निज राजा को प्रसन्न रखते हैं।
4 तंदूर पर पकाने वाला रोटी के लिये आटा गूँथता है।
5 हमारे राजा के दिन वे अपनी आग दहकाते हैं, अपनी दाखमधु की दावतें वे दिया करते हैं।
6 लोग षडयंत्र रचा करते हैं।
7 वे सारे लोग भभकते हुये भाड़ से हैं,
8 एप्रैम दूसरी जातियों के संग मिला जुला करता है।
9 एप्रैम का बल गैरों ने नष्ट किया है
10 एप्रैम का अहंकार उसके विरोध में बोलता है।
11 एप्रैम उस भोले कपोत सा बन गया है जिसके पास कुछ भी समझ नहीं होती है।
12 वे उन देशों की शरण में जाते हैं
13 यह उनके लिये बुरा होगा
14 वे कभी मन से मुझे नहीं पुकारते हैं।
15 मैंने उन्हें सधाया था और उनकी भुजा बलशाली बनायी थी,
16 वे झूठे देवों की ओर मुड़ गये।