1 यह ओबद्याह का दर्शन है। मेरा स्वामी यहोवा एदोम के बारे में यह कहता है:
2 “एदोम, मैं तुम्हें सबसे छोटा राष्ट्र बना दूँगा
3 तुम अपने अभिमान के द्वारा छले गये हो।
4 परमेश्वर यहोवा यह कहता है:
5 तुम सचमुच बरबाद हो जाओगे! देखो!
6 किन्तु हे एदोम! तुझसे तेरा सब कुछ छिन जायेगा।
7 वे सभी लोग जो तुम्हारे मित्र हैं,
8 यहोवा कहता है: उस दिन,
9 तब तेमान, तुम्हारे शक्तिशाली लोग भयभीत होंगे
10 तुम शर्म से गड़ जाओगे,
11 उस समय तुम सहायता किये बिना दूसरी ओर खड़े रहे।
12 तुम अपने भाई के विपत्ति काल में उस पर हँसे,
13 तुम मेरे लोगों के नगर—द्वार में घुसे और उनकी समस्याओं पर हँसे।
14 तुम चौराहों पर खड़े हुए और तुमने जान बचाकर भागने की कोशिश करने वाले लोगों को मार डाला।
15 सभी राष्ट्रों पर शीघ्र ही यहोवा का दिन आ रहा है।
16 क्योंकि जैसे तुमने मेरे पवित्र पर्वत पर
17 किन्तु सिय्योन पर्वत पर कुछ बचकर रह जाने वाले होंगे।
18 याकूब का परिवार जलती आग—सा होगा।
19 तब नेगव के लोग एसाव पर्वत पर रहेंगे
20 इस्राएल के लोग घर छोड़ने को विवश किये गए थे।
21 विजयी सिय्योन पर्वत पर होंगे।