1 यहोवा का वह वचन जो राजा योताम, आहाज और हिजकिय्याह के समय में मीका को प्राप्त हुआ। ये पुरूष यहूदा के राजा थे। मीका मोरेशेती से था। मीका ने शोमरोन और यरूशलेम के बारे में ये दर्शन देखे।
2 हे लोगों, तुम सभी सुनो!
3 देखो, यहोवा अपने स्थान से बाहर जा रहा है।
4 परमेश्वर यहोवा के पांव तले पहाड़ पिघल जायेंगे,
5 ऐसा क्यों होगा यह इसलिये होगा कि याकूब ने पाप किया है।
6 इसलिये मैं शोमरोन को खाली मैदान के खण्डहरों का ढ़ेर बनाऊँगा।
7 उसके सारे मूर्ति टुकड़ों मे तोड़ दिये जायेंगे।
8 मैं इस शीघ्र आने वाले विनाश के कारण व्याकुल होऊँगा और हाय—हाय करूँगा।
9 शोमरोन का घाव नहीं भर सकता है।
10 इसकी बात गात की नगरी में मत करो।
11 हे शापीर की निवासिनी,
12 ऐसा वह व्यक्ति जो मारोत का निवासी है,
13 हे लाकीश के निवासियों,
14 सो तुझे गात में मोरेशेत को
15 हे मारेशा के निवासियों,
16 इसलिये तू अपने बाल काट ले और तू गंजा बन जा।