Jeremias 51

HIN2010

1 यहोवा कहता है,

2 मैं बाबुल को ओसाने के लिये लोगों को भेंजूँगा।

3 बाबुल के सैनिक अपने धनुष—बाण का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

4 बाबुल के सैनिक कसदियों की भूमि में मारे जाएंगे।

5 सर्वशक्तिमान यहोवा ने इस्राएल व यहूदा के लोगों को विधवा सा अनाथ नहीं छोड़ा है।

6 बाबुल से भाग चलो।

7 बाबुल यहोवा के हाथ का सुनहले प्याले जैसा था।

8 बाबुल का पतन होगा और वह अचानक टूट जाएगा।

9 हमने बाबुल को स्वस्थ करने को प्रयत्न किया,

10 यहोवा ने हम लोगों के लिये बदला लिया।

11 बाणों को तेज करो! ढाल ओढ़ो।

12 बाबुल की दीवारों के विरुद्ध झण्डे उठा लो।

13 बाबुल तुम प्रभूत जल के पास हो।

14 सर्वशक्तिमान यहोवा ने यह प्रतिज्ञा अपना नाम लेकर की है:

15 यहोवा ने अपनी महान शक्ति का उपयोग किया और पृथ्वी को बनाया।

16 जब वह गरजता है तब आकाश का जल गरज उठता है।

17 किन्तु लोग इतने बेवकूफ हैं।

18 वे देवमूर्तियाँ व्यर्थ हैं।

19 किन्तु याकूब का अँश (परमेश्वर) उन व्यर्थ देवमूर्तियों सा नहीं है।

20 यहोवा कहता है, “बाबुल तुम मेरा युद्ध का हथियार हो,

21 मैं तुम्हारा उपयोग घोड़े और घुड़सवार को कुचलने के लिये करता हूँ।

22 मैं तुम्हारा उपयोग स्त्रियों और पुरुषों को कुचलने के लिये करता हूँ।

23 मैं तुम्हारा उपयोग गडेरिये और रेवड़ों को कुचलने के लिये करता हूँ।

24 किन्तु मैं बाबुल को उल्टा भुगतान करुँगा, मैं उन्हें सिय्योन के लिये उन्होंने जो बुरा किया, उन सबका भुगतान करुँगा।

25 यहोवा कहता है,

26 लोगों को चक्की बनाने योग्य बड़ा पत्थर नहीं मिलेगा

27 “देश में युद्ध का झण्डा उठाओ!

28 उसके विरुद्ध राष्ट्रों को युद्ध के लिये तैयार करो।

29 देश इस प्रकार काँपता है मानों पीड़ा भोग रहा हो।

30 कसदी सैनिकों ने लड़ना बन्द कर दिया है।

31 एक के बाद दूसरा राजदूत आ रहा है।

32 वे स्थान जहाँ से नदियों को पार किया जाता है अधिकार में कर लिये गये हैं।

33 इस्राएल के लोगों का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है:

34 “बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने अतीत में हमें नष्ट किया।

35 बाबुल ने हमें चोट पहुँचाने के लिये भयंकर काम किये और

36 अत: यहोवा कहता है,

37 बाबुल बरबाद इमारतों का ढेर बन जाएगा।

38 “बाबुल के लोग गरजते हुए जवान सिंह की तरह हैं।

39 वे लोग उत्तेजित सिंहों का सा काम कर रहे हैं।

40 “मैं बाबुल के लोगों को मार डाले जाने के लिये ले जाऊँगा।

41 “शेशक पराजित होगा।

42 बाबुल पर सागर उमड़ पड़ेगा।

43 तब बाबुल के नगर बरबाद और सूने हो जायेंगे।

44 मैं बेल देवता को बाबुल में दण्ड दूँगा।

45 मेरे लोगों, बाबुल नगर से बाहर निकलो।

46 “मेरे लोगों, दु:खी मत होओ।

47 निश्चय ही वह समय आयेगा,

48 तब पृथ्वी और आकाश और उसके भीतर की सभी चीज़ें

49 “बाबुल ने इस्राएल के लोगों को मारा।

50 लोगों, तुम तलवार के घाट उतरने से बच निकले,

51 “यहूदा के हम लोग लज्जित हैं।

52 यहोवा कहता है, “समय आ रहा है

53 बाबुल उठता चला जाएगा जब तक वह आकाश न छू ले।

54 “हम बाबुल में लोगों का रोना सुन सकते हैं।

55 यहोवा बहुत शीघ्र बाबुल को नष्ट करेगा।

56 सेना आएगी और बाबुल को नष्ट करेगी।

57 मैं बाबुल के बड़े पदाधिकारियों

58 सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है,

59 यह वह सन्देश है जिसे यिर्मयाह ने सरायाह नामक अधिकारी को दिया। सरायाह नेरिय्याह का पुत्र था। नेरिय्याह महसेयाह का पुत्र था। सरायाह यहूदा के राजा सिदकिय्याह के साथ बाबुल गया था। यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्यकाल के चौथे वर्ष में यह हुआ। उस समय यिर्मयाह ने सरायाह नामक अधिकारी को यह सन्देश दिया।

60 यिर्मयाह ने पत्रक पर उन सब भयंकर घटनाओं को लिख रखा था जो बाबुल में घटित होने वाली थीं। उसने यह सब बाबुल के बारे में लिख रखा था।

61 यिर्मयाह ने सरायाह से कहा, “सरायाह, बाबुल जाओ। निश्चय करो कि यह सन्देश तुम इस प्रकार पढ़ो कि सभी लोग सुन लें।

62 इसके बाद कहो, ‘हे यहोवा तूने कहा है कि तू इस बाबुल नामक स्थान को नष्ट करेगा। तू इसे ऐसे नष्ट करेगा कि कोई मनुष्य या जानवर यहाँ नहीं रहेगा। यह सदैव के लिये सूना और बरबाद स्थान हो जाएगा।’

63 जब तुम पत्रक को पढ़ चुको तो इससे एक पत्थर बांधो।तब इस पत्रक को परात नदी में डाल दो।

64 तब कहो, ‘बाबुल इसी प्रकार डूबेगा। बाबुल फिर कभी नहीं उठेगा। बाबुल डूबेगा क्योंकि मैं वहाँ भयंकर विपत्तियाँ ढाऊँगा।’”

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