1 ये वे बातें हैं जिन्हें यहोवा अपने चुने हुए राजा कुस्रू से कहता है:
2 कुस्रू, तेरी सेनाएँ आगे बढ़ेंगी और मैं तेरे आगे चलूँगा।
3 मैं तुझे अन्धेरे में रखी हुई दौलत दूँगा।
4 मैं ये बातें अपने सेवक याकूब के लिये करता हूँ।
5 मैं यहोवा हूँ! मैं ही मात्र एक परमेश्वर हूँ।
6 मैं यह काम करता हूँ ताकि सब लोग जान जायें कि मैं ही मात्र परमेश्वर हूँ।
7 मैंने प्रकाश को बनाया और मैंने ही अन्धकार को रचा।
8 “उपर आकाश से पुण्य ऐसे बरसता है जैसे मेघ से वर्षा धरती पर बरसती है!
9 “धिक्कार है इन लोगों को, यें उसी से बहस कर रहे हैं जिसने इन्हें बनाया है। ये किसी टूटे हुए घड़े के ठीकरों के जैसे हैं। कुम्हार नरम गीली मिट्टी से घड़ा बनाता है पर मिट्टी उससे नहीं पूछती ‘अरे, तू क्या कर रहा है?’ वस्तुएँ जो बनायी गयी हैं, वे यह शक्ति नहीं रखतीं कि अपने बनाने वाले से कोई प्रश्न पूछे। ये लोग भी मिट्टी के टूटे घड़े के ठीकरों के जैसे हैं।
10 अरे, एक पिता जब अपने पुत्रों को माता में जन्म दे रहा होता है तो बच्चे उससे यह नहीं पूछ सकते कि, ‘तू हमें जन्म क्यों दे रहा है?’ बच्चे अपनी माँ से यह सवाल नहीं कर सकते हैं कि, ‘तू हमें क्यों पैदा कर रही है?’”
11 परमेश्वर यहोवा इस्राएल का पवित्र है। उसने इस्राएल को बनाया। यहोवा कहता है,
12 सो देख, मैंने धरती बनायी और वे सभी लोग जो इस पर रहते हैं, मेरे बनाये हुए हैं।
13 कुस्रू को मैंने ही उसकी शक्ति दी है ताकि वह भले कार्य करे।
14 यहोवा कहता है, “मिस्र और कूश ने बहुत वस्तुएँ बनायी थी,
15 हे परमेश्वर, तू वह परमेश्वर है जिसे लोग देख नहीं सकते।
16 बहुत से लोग मिथ्या देवता बनाया करते हैं।
17 किन्तु इस्राएल यहोवा के द्वारा बचा लिया जायेगा।
18 यहोवा ही परमेश्वर है।
19 मैंने अकेले ये बातें नहीं कीं। मैंने मुक्त भाव से कहा है।
20 “तुम लोग दूसरी जातियों से बच भागे। सो आपस में इकट्ठे हो जाओ और मेरे सामने आओ। (यें लोग अपने साथ मिथ्या देवों के मूर्ति रखते हैं और इन बेकार के देवताओं से प्रार्थना करते हैं। किन्तु यें लोग यह नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं
21 इन लोगों को मेरे पास आने को कहो। इन लोगों को अपने तर्क पेश करने दो।)
22 हे हर कहीं के लोगों, तुम्हें इन झूठे देवताओं के पीछे चलना छोड़ देना चाहिये। तुम्हें मेरा अनुसरण करना चाहिये और सुरक्षित हो जाना चाहिये। मैं परमेश्वर हूँ। मुझ से अन्य कोई दूसरा परमेश्वर नहीं है। परमेश्वर केवल मैं ही हूँ।
23 “मैंने स्वयं अपनी शक्ति को साक्षी करके प्रतिज्ञा की है। यह एक उत्तम वचन है। यह एक आदेश है जो पूरा होगा ही। हर व्यक्ति मेरे (परमेश्वर के) आगे झुकेगा और हर व्यक्ति मेरा अनुसरण करने का वचन देगा।
24 लोग कहेंगे, ‘नेकी और शक्ति बस यहोवा से मिलती है।’”
25 यहोवा अच्छे काम करने के लिए इस्राएल के लोगों को विजयी बनाएगा और लोग उसकी प्रशंसा करेंगे।