1 हबक्कूक नबी के लिये शिग्योनीत प्रार्थना:
2 हे यहोवा, मैंने तेरे विषय में सुना है।
3 परमेश्वर तेमान की ओर से आ रहा है।
4 वह महिमा ऐसी है जैसे कोई उज्जवल ज्योति हो।
5 उसके सामने महामारियाँ चलती हैं
6 यहोवा खड़ा हुआ और उसने धरती को कँपा दिया।
7 मुझको ऐसा लगा जैसे कुशान के नगर दु:ख में हैं।
8 हे यहोवा, क्या तूने नदियों पर कोप किया क्या जलधाराओं पर तुझे क्रोध आया था
9 तूने अपना धनुष ताना
10 पहाड़ों ने तुझे देखा और वे काँप उठे।
11 सूर्य और चाँद ने अपना प्रकाश त्याग दिया।
12 क्रोध में तूने धरती को पाँव तले रौंद दिया
13 तू ही अपने लोगों को बचाने आया था।
14 उन सेनानायकों ने हमारे नगरों पर
15 किन्तु तूने सागर को अपने ही घोड़ों से पार किया था
16 मैंने ये बातें सुनी और मेरी देह काँप उठी।
17 अंजीर के वृक्ष चाहे अंजीर न उपजायें,
18 किन्तु फिर भी मैं तो यहोवा में मग्न रहूँगा।
19 यहोवा, जो मेरा स्वामी है, मुझे मेरा बल देता है।