Cânticos 1

HIN2010

1 सुलैमान का श्रेष्ठगीत।

2 तू मुझ को अपने मुख के चुम्बनों से ढक ले।

3 तेरा नाम मूल्यवान इत्र से उत्तम है,

4 हे मेरे राजा तू मुझे अपने संग ले ले!

5 हे यरूशलेम की पुत्रियों,

6 मुझे मत घूर कि मैं कितनी साँवली हूँ।

7 मैं तुझे अपनी पूरी आत्मा से प्रेम करती हूँ!

8 तू निश्चय ही जानती है कि स्त्रियों में तू ही सुन्दर है!

9 मेरी प्रिये, मेरे लिए तू उस घोड़ी से भी बहुत अधिक उत्तेजक है

10 वे घोड़े मुख के किनारे से

11 तेरे सुन्दर कपोल कितने अलंकृत हैं।

12 मेरे इत्र की सुगन्ध,

13 मेरा प्रियतम रस गन्ध के कुप्पे सा है।

14 मेरा प्रिय मेरे लिये मेंहदी के फूलों के गुच्छों जैसा है

15 मेरी प्रिये, तुम रमणीय हो!

16 हे मेरे प्रियतम, तू कितना सुन्दर है!

17 कड़ियाँ जो हमारे घर को थामें हुए हैं वह देवदारु की हैं।

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