1 यहोवा ने मुझे यह दिखाया: मैंने ग्रीष्म के फलों की एक टोकरी देखी:
2 यहोवा ने पूछा, “आमोस, तुम क्या देखते हो”
3 मन्दिर के गीत शोक गीत बन जाएंगे। मेरे स्वामी यहोवा ने यह सब कहा। सर्वत्र शव ही होंगे। सन्नाटे में लोग शवों को ले जाएंगे और उनके ढेर लगा देंगे।”
4 मेरी सुनो! लोगों तुम असहायों को कुचलते हो।
5 व्यापारियों, तुम कहते हो,
6 गरीब अपना ऋण वापस नहीं कर सकते अत:
7 यहोवा ने प्रतिज्ञा की। उसने “याकूब गर्व” नामक अपने नाम का उपयोग किया और यह प्रतिज्ञा की:
8 उन कामों के कारण पूरा देश काँप जाएगा।
9 यहोवा ने ये बाते भी कहीं:
10 मैं तुम्हारे पवित्र दिनों को मृतकों के लिये शोक—दिवस में बदलूँगा।
11 यहोवा कहता है:
12 लोग एक सागर से दूसरे सागर तक भटकेंगे।
13 उस समय सुन्दर युवतियाँ और युवक
14 उन लोगों ने शोमरोन के पाप के नाम पर प्रतिज्ञायें की।