1 ओ याहवेह, क्हिजी आछ्याँबै के लब्मैंलाइ दण्ड पिंम्,
2 ओ पृथ्बीर्बै नियाधिश रेत्ति;
3 ओ याहवेह, दुष्टमैं खोंयों समा,
4 चमैं प्हैंसि ताँ लरिम्;
5 ओ याहवेह, क्हिए म्हिमैंलाइ चमैंइ प्लेम्,
6 म्हरेस्यो नेरो बिदेशिमैंलाइ चमैंइ सैम्,
7 “याहवेहजी आम्रों;
8 ओ ङए म्हिमैंए न्होंर्बै च्हैंब् मैंब् लल् आखाँब्मैं, मैंन्दि!
9 न्ह बनेमिंबै परमेश्वरजी ङ्योए ताँ आथे रो वा?
10 अरू ह्रेंमैंलाइ दु:ख पिंबै परमेश्वरजी दण्ड आपिं रो वा?
11 याहवेहजी म्हिमैंए सैंर्बै ताँमैं क्होम्,
12 ओ याहवेह, क्हिजी तार झोंबै म्हि
13 दुष्टमैंए ल्हागिर होल्दों आतन् समा
14 तलेबिस्याँ याहवेहजी ह्रोंसए म्हिमैंलाइ भ्योंरिब् आरे;
15 न्याय लब्मैंइ धबै ठिक निसाफ लब्मुँ,
16 दुष्ट म्हिमैंए बिरोधर ङने बालु खाब् रामुँ?
17 याहवेहजी ङ आल्होस्याँ
18 ओ याहवेह, “ङए प्हले प्लेइमुँ” बिसि ङइ बिमा
19 ङए सैंर बेल्ले न्हुँ तमा
20 दुष्ट क्रथे मिंथेमैं क्हिने बालु क्ह्रिल् खाँम्मा?
21 ठिक के लब्मैंए बिरोधर चमैं जाल रोम्,
22 दिलेया याहवेह ङए किल्ला तमिंइमुँ,
23 चमैंइ लबै पाप खीजी चमैंए फिर्न कुमिंब्मुँ,