1 पेहला बारा मा यहोवा–भगवान कागळियान क लारे वेगला डाहडा से थुड़ो थुड़ो करीन आरू भाति भातिन वात करियो।
2 इन आखरी दाहड़ा मा हामु छे पोर्य क द्वारा वात की, जिनाक त्यो सारी समान क वारीस ठेराया आरू ओकी क द्वारा त्यो सारी सृष्टि की रचना की छे।
3 वो ओकी महिमा क प्रकाश आरू ओका तत्व की छाप छे, आरू सब चीज क आपसी शक्ति क वचन छे संमावतो छे। वो पाप क धुवीन उंचा स्थान पर महामहिमन क डासच्य जाय बठ्या।
4 आरू सोरग छे ओतरा ही वारू ठेराया, जोतरा त्यो उनछे मोटा पद क वारीस हईन वारू नाव देख्या।
5 काहकि सोरग मा छे किही काही छे कयो,
6 आरू जव पेहलौठे क धरती मा पछु लावता छे,
7 आरू सोरगदूतन विषय मा यो कयता छे,
8 पुन पोर्या विषय मा कयता छे,
9 तु ने न्यायपन छे मोंग अन्याय छे दुस्मनी राख्या;
10 आरू यो कि, “हे पोरबु शुरू मा तु ने धरती की नींव नाखी,
11 वो तो नष्ट होय जाछे, पुन तु बन रोवछे;
12 आरू तु तीनुक चादरान समान वेटावछे,
13 आरू सोरगदूत मा छे त्यो काही छे किही कयो,
14 काय वो सब सेवा टहल करनेवाळी आत्मा नी, जो उध्दार देखनेवावान करता सेवा करनेन मुकली जाती छे।