1 मखे पुढारी की आरू छे मोंगावु गयुस क नाव,
2 हे मोंगावु, मारी यो प्रार्थना छे कि जोसो तु आत्मिक बढ़ती कर रया छे, वोसो ही तु सब वात मा बढ़ती करे आरू भला वारू रया।
3 काहकि जव भाईस ने आवीन तारे उना सच्चाई की गवा देदी, जिना पर तु सचमुच चालता छे, तो मा घोणा ही खुश हुयो।
4 मखे इनासे बढ़ीन आरू काही खुश नी कि हाव सुनू, कि मारे पोर्य सच्चाई पर चालता छे।
5 हे मोंगावु, जो काही तु उन भाईस क साथे करता छे, जो परदेशी छे, ओको तु ईमानदारी छे करता छे।
6 त्या मंडळी क सामने तारे मोंग की गवा देदी छे। यदि तु तीनुक उना प्रकार विदा करसे जिना प्रकार यहोवा–भगवान क मानसे क करता वारू छे तो वारलो करसे।
7 काहकि वो ओको मसीह क नाव क करता निकवता छे, आरू गैरयहुदी छे काही नी लेता।
8 एरकरीन ओसो क स्वागत करने जुवे, जिनासे हामु भी सच्चाई क पक्ष मा ओको सहकर्मी होय।
9 हाव ने मंडळी क काही लिख्या हुता, पर दियुत्रिफेस जो उनमा मोटो बनने जुवता छे, हामु मान्य नी करता।
10 एरकरीन जव हाव आवीस तो ओका काम की जो वो कर रया छे, याद आपाड़ीस, कि वो हामरे विषय मा बुरी–बुरी वात बकता छे: आरू इनीये पर भी सन्तोष नी करीन आप ही भाईस क मान्य नी करता, आरू तीनुक जो मान्य करने जुवता छे मना करता छे आरू मंडळी छे निकाव देता छे।
11 हे मोंगावु बुराई क नी पर भलाई क साजलिया होय। जो भलाई करता छे, वो यहोवा–भगवान की आरू छे, पर जो बुराई करता छे, त्यो यहोवा–भगवान क नी देख्य।
12 दिहावत्रियुस क विषय मा सब ने, वरना सच्चाई ने भी आप ही गवा देदी; आरू हामु भी गवाय देता छे, आरू तु जानता छे कि हामरी गवा सच्ची छे।
13 मखे तुखे क घोणा काही लिखने तो हुता, पर शाही आरू पेन छे लिखने नी जुवता।
14 पर मखे आश छे कि तुखे छे शीघ्र भेंट करीस, तव हामु आमने सामने वातचीत करसु।
15 तुखे शांती मिवती रये। याहा क दोस्त तुखे नमस्कार कयता छे।