1 पेहला युग मां भगवान, टेमे-टेमे ने ईतरीक-ईतरीक करीन, वारु रीते, आपसा बेसका भगवानेन अघली वात बताड़न्या माणसेन अनसारे आपणा डाहा-डाहा साते वात करलु।
2 बाकुन हय कळीन ईनु आकरी दाहड़ा मां भगवान आपसा पुर्यान साहरे आपणे साते वात कर रयु। चु ईना पुर्यान साहरे आखी कळजुग घड़्यु, ने ईना काजे आपसी आखी कळजुगेन हकदार्यु बी बणायु।
3 जु पुर्यु ते भगवानेन खरलु सीकु छे। चु आपसान ताकतवाळा बुलेन साहरे आखी चीजेक सामळे। ने चु हेरा खुन सी आपणा पापे काजे धुय देदु, ने सरगे जाय्न आखाम ताकतवाळा बास भगवानेन जेवड़्ये आंग्ये बठ गुयु।
4 असु करीन भगवान तीनाक आपसी जागा आपीन सरग वाळा काहवाळ्या सी बेसकु मटु बणाय देदु। ने तीनाक तींद्रा नाव सी बी मटो नाव आप देदु।
5 काहाकी भगवान काहना बी सरग वाळा काहवाळ्या काजे, कदी असु नी कह्यु,ने काहनाक सरग वाळा काहवाळ्या काजे असु बी कह्यु,
6 ने जत्यार भगवान आपसा पेहला खुळ्या काजे ईनी कळी मां लावलु, ती तीनु, सरग वाळा काहवाळ्या काजे कह्यु,
7 ने भगवानेन सरग वाळा काहवाळ्यान बारामां असो लिखलो छे,
8 बाकुन भगवान आपसा पुर्यान बारामां कहवे:
10 ने भगवानेन पुर्या काजे काहनुक कह्लु, चो खरला सास्तुर मां असो लिखलो छे,
13 भगवान, आपसा सरगदुत मायन कुय काजे बी असु कदी नी कह्यु:
14 वीच्यार करु! आखा सरग वाळा खबर-लावण्या ते, भगवानेन सेवा करन्या जीव-आत्मा अतरात छे। भगवान तीनुक छुटकारु हात करने वाळान सेवा-चाकरी करने करीन मकले।