1 ईनी वातेन वात मे नींगा कर्यु, ती असो देख की सरग मां एक बारनो खुल्लो छे।
2 तत्यारुत मे आत्मा मां आय गुयु; ने काय देखो की एक राजगादी सरग मां मेकलो छे, ने तीनी राजगादी पर काहनुक बठ्लु छे।
3 ने जु तीनी राजगादी पर बठ्लु छे, हयु यसब (नीळ्ळा रंगेन) ने माणीक्य (रातला रंगेन) नावेन दगड़ान तसों भबळने बाजी रह्लो, ने ती राजगादीन चारे-मेर मरकत नावेन दगड़ा (नीळ्ळु रंगेन) तसों एक भाती-भातीन रंगेन बाम देखाये।
4 तीनी राजगादीन चारे-मेर वीस ने चार राजगादी छे; ने हीनु राजगादी पर वीस ने चार मुख्या धवळा पुथल्या पेहरीन बठी र्यु, ने तींद्रे मुणका पर सनान मुड़ छे।
5 तीनु राजगादी मां सी वीजळी चमके ने गाजुण गाजे, ने राजगादी अगळ आकठान सात दिवा धपी र्या, चे भगवानेन सात आत्मा छे,
6 ने तीनी राजगादीन अगळ मानु वारु आर-पार देखाये तसों,
7 पेहलो जनवार्या नाहरेन तसों छे, ने दीसरो जनवार्या केवड़्यान तसों छे, तीसरो जनवार्यान मुंहडो माणसेन तसों चे, ने चोवथां जनवार्या उडतेला घुवड़ान तसों छे।
8 ने चारु जनवार्यान छव-छव पाखड़ा छे, ने चारे-मेर ने माहीं डुळात-डुळा छे; ने चे रात दाहड़ु आराम लग नी लेय ने असा कवता रहे,
9 ने जत्यार जनवार्या तेरी जु राजगादी पर बठ्लु छे, ने जु जलम जीवतु छे, सेक-सींगार ने आव-भाव ने बड़ाय कर र्या।
10 तत्यार वीस ने चार डाहा-बुड़ा राजगादी पर बठणे वाळान अगळ हीट पड़्या, ने तीनाक जु जलम जीवतु छे आंध्या; ने आपणा-आपणा मुड़ राजगादीन अगळ असा कवता जाय्न नाख देदा,
11 “ए हामरा मालीक, ने भगवान, तुत सेक-सींगार,