1 जत्यार की मसी डील मां हयन दुख हाकल्यु ती तुहुं बी हेना मनसा काजे हत्यारेन तसों धर लेवु, काहाकी जु डील मां दुख हाकल्या, चु पाप सी छुट गुयु,
2 काहाकी आवणे वाळी घड़ी मां आपणा बचला डीलेन जीवन माणसेन लालुचेन अनसारे नी बाकुन भगवानेन मरजीन अनसारे जीवन जीवु।
3 काहाकी नी-यहुदी मरजीन अनसारे काम करने, ने लुच्चायन भुंडली हर, दारकुट्या, भुंडलो काम, पीणेवाळा, ने बेकार मुरती पुजण्या मां जां लग हामु पेहल सी टेम जावाड़ देदा, चोन बेसको हयो।
4 हय चे सुसवारे, की तुहुं असा भारी लुच्चाय मां हींद्रो साते नी देवु, ने हेरेसी चे भुंडो वारु कवे।
5 हीनुक जे हय जीवतेला छे ने मरीन सर गुया आपणा कामेन लेखु-जुखु हीना मसी काजे देणु पड़से जु हींद्रो नीयाव करने वाळु छे।
6 काहाकी मरला काजे बी खुस-खबर हेरेसी सामळाय गुयो, की डील मां ते माणसेन अनसारे हींद्रो नीयाव हवे, बाकुन आत्मा मां चे भगवानेन अनसारे जीवता रवे।
7 आखी वातेन खात्मो तत्यारुत हवणे वाळो छे; हेरेसी जानकार हयन दुवा वाटे समळीन रवु।
8 आखाम ती आखा सी वारु वात जी छे की एक दीसरा सी जादा परम राखु; काहाकी परम काय पाप काजे ढाक देय।
9 कुड़-कुड़ करे पाखुर एक दीसरान मेजवानीन-खातरी करु।
10 तीनाक जु वाटु जड़लो छे, चु हीनाक भगवानेन खास गीण-दयान वारु देख-रेख राखणेवाळान तसा एक दीसरान चाकरी मां लागाड़ु।
11 कदी कुय कह्वे, ती असु कह्वे मानु भगवानेन बुल छे; कदी कुय चाकरी करे, ती हीनी ताकत सी करे जु भगवान आपे; जेरो आखी वात मां ईसु मसीन साहरे, भगवानेन सेक-सींगार उजेंती हवे। सेक-सींगार ने ताकत जलम पीड़ीडीट हेरोत छे। असोत हवतो रवे।
12 ए लाटेक्ला, भायस ने बहणस्या ज्य दुखेन रुप मां आकठो तुहुंक पारखणे करीन तुंद्रे मां आवसे, हेरसी ज्य समजीन मां सुसवारु की कुय जसी-वसी वात तुंद्रे पर वीत रय।
13 बाकुन जत्यार तुहुं मसीन दुख मां साजल्या हवे, ती खुसी मानावु, जेरेसी हेरी सेक-सींगार उजेंती हवते टेमे बी तुहुं खुसी ने धव हवु।
14 अळतेन कदी मसीन नाव वाटे तुंद्री नाव-बद्दी करी जाय, ती बरकतवाळा छे; काहाकी सेक-सींगारेन आत्मा, जो भगवानेन आत्मा छे, तुंद्रे मां छावायली रहे।
15 तुंद्रे मां सी कुय माणुस हत्या करन्यु नीते चुट्टु, नीते पापी हवणे, नीते दीसरा काम मां हात नाखेन वजे सी दुख नी हाकलनु चाहजे।
16 बाकुन कदी मसी मां हवणेन वजे दुख जड़े, ती सरमायु मां, बाकुन हीनी वात वाटे भगवानेन नावेन सेक-सींगार करु।
17 काहाकी ची घड़ी आय गुयलु छे, की पेहल भगवानेन माणसेन नीयाव हवसे, ने जत्यार की नीयाव सुरु हामरे सी हवे ती हींद्रो आकरी कसों हवसे जो भगवानेन खुस-खबर काजे नी माने?
18 ने कदी धरमी माणुस काजे काठाय सी छुटकारु जड़से,
19 हेरेसी जी भगवानेन मरजीन अनसारे दुख हाकले, चे भलाय करता जाय्न आपणा-आपणा जीव काजे भुरसान लायक कळ घड़न्यान हात मां सुप देय।