1 इजी ते बाद मैं एक स्वर्गदूत स्वर्गो ते उतरदे ऊए देखेया। से बऊत ई सामर्थी था और तरती तेसरे तेजो ते चमकी गी।
2 तिने जोरे की आक्का पाई की बोलेया,
4 तेबे मैं स्वर्गो ते केसी ओरी री आवाज सुणी,
9 “तरतिया रे राजा, जिने तेसा साथे व्याभिचार और सुख-बिलास कित्तेया, जेबे तेसा रे फूकणे रा तुआँ देखणा, तो तेसा खे रोणे और छाती पीटणी।
10 तेसा री पीड़ा रे डरो रे मारे दूर खड़े ऊई की बोलणा,
11 “तरतिया रे बपारी तेसा खे रोणे और शोग करना, कऊँकि एबे केसी बी तिना रा माल नि लणा,
12 मतलब सुईना, चाँदी, रत्न, मोती, बैंगणी, रेशमी और लाल टाले और हर प्रकारा री खुशबूदार लकड़ी, आथी दाँदो रिया हर प्रकारा रिया चीजा, किमती लकड़ी, पीतल़, लोआ और संगमरमरो रे सब प्रकारा रिया चीजा,
13 और दाल़चीनी, मसाले, तूप, इत्र, लोबान, शराब, तेल, मैदा, कणक, गाय, बल़द, पेडा, बाकरिया, कोड़े, रथ, दास और मांणूए खे खरीदणे वाल़ा कोई नि रया।
14 “बपारिए तेसा खे बोलेया, ‘एबे तेरे मनचाए फल तांगा गे ते चली गे और सुख-विलास और पड़कीली चीजा तांते दूर ऊईगिया और सेयो फेर कदी नि मिलणिया।’
15 इना चीजा रे बपारी, जो तेसा रे जरिए अमीर ऊईगे थे, तेसा री पीड़ा रे डरो रे मारे दूर खड़े ऊणे और रोंदे और शोग करदे ऊए बोलणा,
17 “हर एक मांझी, जलयात्री, मल्लाह और जितणे समुद्रो ते कमाओ थे, सब दूर खड़े ऊईगे।
18 और तेसा रे फूखणे रा तुआँ देखदे ऊए आक्का पाई की बोलणा, ‘कुण जा नगर, एस बड़े नगरो जेड़ा ए?’
19 तिना आपणे-आपणे सिरो पाँदे तूड़ पाणी और रोंदे और शोग करदे ऊए चींगी-चींगी की बोलणा,
21 तेबे एक तागतबर स्वर्गदूते एक बड़ी चाक्किया रे पूड़ो जेड़ा एक पात्थर चकेया और ये बोली की समुद्रो रे सेटी ता,